नहीं रहे उत्तराखंड के रत्न, राम रतन कला जी

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उत्तराखंड के लिए बेहद दुःखद खबर। उत्तराखंड के थियेटर के महान आर्टिस्ट, रचनाकार एवं सुप्रसिद्ध गढवाली लोकगायक श्री राम रतन काला जी का हृदय गति रुकने से बुधवार की रात को हुआ निधन।

वे आकाशवाणी और दूरदर्शन के जानेमाने कलाकार रहे। उन्होंने आकाशवाणी नजीबाबाद के कई कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी निभाई। कई गढ़वाली फिल्मों में वे हास्य कलाकार की भूमिका निभाते नजर आए। वे बहुत सहज और ग्रामीण पृष्ठभूमि के कलाकार थे. “ब्यौली खुजे द्यावे”, “अब खा माछा” आदि उनकी अनेक हास्य प्रस्तुतियां देखने-सुनने वालों को आज भी गुदगुदाती हैं। वे दूरदर्शन देहरादून के कल्याणी कार्यक्रम में वे “मुल्कीदा” की भूमिका में दर्शकों का मनोरंजन करते रहे। राम रतन काला आकाशवाणी के लोकसंगीत के “बी हाई” ग्रेड के कलाकार थे।

पौड़ी के सतपुली के मूल निवासी काला वर्तमान में कोटद्वार भाबर में रह रहे थे। राम रतन काला 2008 से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी के बाद उन्होंने फिल्म, रंगकर्म, लोकसंगीत में प्रतिभाग करना बंद कर दिया था। उत्तराखंड कलाकारों के लिए यह खबर बहुत ही दुःखद है।

News M2N परिवार की और से दिवंगत आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

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